रख ले मां बिन तनखहो पाली नाथ नू रख ला मां

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रख ले माँ बिन तनखाओ पाली नाथ नू रख ले माँ,

गौआँ तेरियां चारेया करा गा सेवा च वक़्त गुजारियाँ करा गा,

मोड़ी न दर तो खाली नाथ नू रख ले माँ,

रख ले माँ बिन तनखाओ....

सुन रत्नो तेरे मेहनेया दा मारेया नि बालक जोगी होया,

रब दा रूप सी घर तेरे आया बारह साल विच भेद ना पाया,

गला तू कित्या कोडियां नि बालक जोगी होया,

रख ले माँ बिन तनखाओ....

रंग दे वे नाथ मेरे दा झंडा ललारियाँ रंग दे वे,

लाल भी रंग दे हरा भी रंग दे,

तेरा जीवे बचा लालरियाँ रंग दे वे,

रख ले माँ बिन तनखाओ....

लोरियां ले जोगी द्वारे आके तू भगता लोरिया ले,

इस लोरी माई रत्नो द्वावे पीठ तेरी ते पंजा लावे,

बिन भेना ते परावा दियां जोड़ियां तू भगता लोरिया ले,

रख ले माँ बिन तनखाओ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।