ओ राधे रानी सुन लो जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम भक्तों की सुन लो पुकार,

तेरी प्यारी सी है मुस्कान,

तेरी लीला है अपरमपार,

ओ राधे रानी सुन लो जी।

मोहन संग रास रचावे रानी,

ना माने भक्तों की करे मनमानी,

हो मोहे बरसाने दे दो स्थान,

ओ राधे रानी सुन लो जी।

ना दिल लगे लंदन अमेरिका,

ना लागे पेरिस ना अफ्रीका,

हमें भावे मां तेरो ब्रिजधाम

ओ राधे रानी सुन लो जी।

मुरारी से मेरी सिफ़ारीश कर दो,

जीवन में मेरे आनंद भर दो,

तुम रूपक जो ढूंढे संसार,

ओ राधे रानी सुन लो जी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।