शिव ॐ तुम पर्यंत हो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पूर्ण हो तुम, तुम शेष हो,

अति वशिष्ठ तुम विशेष हो,

शिवोह्म तुम महेश हो।

सूक्ष्म हो, विशाल हो,

अंतरिक्ष तुम, पाताल हो,

शिवोह्म तुम महाकाल हो।

विभस्त तुम विभोर हो,

तमस तुम, तुम्ही भोर हो,

शिवोह्म तुम अघोर हो।

तुम भस्म, तुम ज्वलंत हो,

आदि हो, तुम अंत हो,

शिवोह्म तुम पर्यन्त हो।

राजीव के शिव तुम पर्यन्त हो,

शिवोह्म तुम पर्यन्त हो।

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।