साँसों की माला अब है तेरे हवाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा साँसों की माला अब है तेरे हवाले,

तू चाहे तो तोड़ दे इसको तू चाहे तो बचाये,

बाबा साँसों की माला.....

तूने ही तो इस माला में एक एक मनका पिरोया,

उजड़े जीवन को बाबा हाथों से अपने संजोया,

तेरे हाथों छोड़ दी डोरी तू ही इसे संभाले,

बाबा साँसों की माला.....

साँसों की ये नैया बाबा चलती तेरे इशारे,

जब तक तू है नाव का माझी मिलते रहेंगे किनारे,

बिन पतवार के तू ही बाबा भव से नाव निकाले,

बाबा साँसों की माला....

साँसों का तो क्या है भरोसा कब आये कब जाए,

तेरे भरोसे जीवन बाबा तू ही इसे बनाये,

आरती शर्मा की साँसों में श्याम ही श्याम समाये,

बाबा साँसों की माला.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।