लिखो राम का नाम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम,

लिखो राम को नाम या पे लिखो राम को नाम,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

नीचे से हो मैया बोली सुन बानर मेरी बात,

किसके तुम लाल कहाये कहा तुम्हारो नाम,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

ऊपर से वो हनुमत बोले सुन मैया मेरी बात,

मात अंजनी पिता पवन हनुमत हमरो नाम,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

नीचे से वो मैया सुन हनुमत मेरी बात,

किसके तो तुम भेजें आए कहां तुम्हारा काम,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

ऊपर से श्री हनुमत बोले सुन मैया मेरी बात,

रामचंद्र के भेजे आए सेवा हमारा काम,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

ऊपर से वो हनुमत बोले सुन मैया मेरी बात,

बड़ी जोर की भूख लगी है खाने को कुछ नाज,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

नीचे से वो मैया बोली सुन हनुमत मेरी बात,

हरी हरी रावण की बगिया कंदमूल फल खाओ,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

कछु खाई का चित्तौड़ गिराए बगिया गई उजाड़,

रखवारी जब वर्जन लागे अच्छे दिनों मार,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

भरी सभा में हनुमत जी ने रावण दियो ललकार,

पूंछ जला के आग लगाई लंका दही जलाए,

अंगूठी मेरे पति की या पे लिखो राम का नाम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।