भलाई कर भला होगा

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॥ पावन पाठ ॥

भलाई कर भला होगा बुराई कर बुरा होगा,

कोई देखे या ना देखे प्रभु तो देखता होगा,

भलाई कर भला होगा.....

यहां नेकी बदी दो रास्ते हैं गौर से सुन ले,

तुझे जाना है किस मंजिल पर अपना रास्ता चुन ले,

कदम उठने से पहले सोच लें अंजाम क्या होगा,

भलाई कर भला होगा....

यही दुनिया ही जन्नत है यही दुनिया ही जहन्नुम है,

अगर तेरे कर्म अच्छे हैं तो फिर किस बात का डर है,

तेरे कर्मों के नाम पर ही तेरा फैसला होगा,

भलाई कर भला होगा.....

गरीबों और मोहताजओ तू हरदम साथ लेता जा,

यह सौदा है नगद इस हाथ दे उस हाथ ले ताजा,

वही काम आएगा तेरे जो तूने दे दिया होगा,

भलाई कर भला होगा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।