सपना दाती मैया का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सपना दाती मैया का,

मुझे दिन रात दिखता है,

ममता भरा वो एक चेहरा,

सदा मेरी आँखों में बसता है,

सपना दाती मैया का....

मिल जाएं दर्शन मैया के,

हो जाएं ख्वाब सब पूरे,

एक बस यही तमन्ना है,

रह ना जाएं अब अधूरे,

बरसती जल धार आँखों से,

मन कब से तरसता है,

ममता भरा वो एक चेहरा,

सदा आँखों में बसता है,

सपना दाती मैया का....

जीवन दिया है जो मैया,

इसे सहारा भी दो,

मझधार में ना छोड़ो,

इसे किनारा भी दो,

बड़ी हैं जीवन में दुश्वारियां,

मन बेकल दिन रात तड़पता है,

ममता भरा वो एक चेहरा,

सदा आँखों में बसता है,

सपना दाती मैया का....

आशीष भरा हाथ,

मां मेरे भी सर धर दो,

ना बिछड़े कभी मिलके,

मैया ऐसा मुझे वर दो,

हाथ जोड़े पड़ा चरणों में,

विनती राजीव ये करता है,

ममता भरा वो एक चेहरा,

सदा आँखों में बसता है,

सपना दाती मैया का....

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
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नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।