नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी,

एजी कोई ज्वालाजी में, एजी कोई ज्वालाजी में,

जल रही ज्योत नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी...

ब्रह्मा जी आये मैया तेरे द्वार पर जी,

एजी कोई ब्रह्माणी रामा कोई ब्रह्माणी,

झूलामें झूला डाल नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी....

विष्णु जी आये मैया तेरे द्वार पर जी,

एजी कोई लक्ष्मी जी रामा कोई लक्ष्मी जी,

झूलामें झूला डाल नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी.....

शंकर जी आये मैया तेरे द्वार पर जी,

एजी कोई गोराजी रामा कोई गोराजी,

झूलामें झूला डाल नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी.....

रामा जी आये मैया तेरे द्वार पर जी,

एजी कोई सीता जी रामा कोई सीता जी,

झूलामें झूला डाल नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी.....

कान्हा जी आये मैया तेरे द्वार पर जी,

एजी कोई राधा जी रामा कोई राधा जी,

झूलामें झूला डाल नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी.....

सतगुरु आए मैया तेरे द्वार पर जी,

एजी कोई हम सब रामा कोई हम सब,

झूलामें झूला डाल नगरकोट में मैया मेरी बस गई जी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।