करने दर्शन चरणों में दाता जी

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॥ पावन पाठ ॥

करने दर्शन चरणों में दाता जी

हम दर पे तेरे रोज आएंगे,

हो, दर पे तेरे रोज आएँगे,

दर पे हम तेरे रोज़ आएंगे....

द्वार पे तेरी हम सब आए,

अपने ह्रदय का हाल सुनाए,

अपने ह्रदय का हाल सुनायेंगे,

करने पूजन चरणों में दाता,

हम दर पे तेरे रोज़ आएंगे.....

संकटहारी तेरी लीला अपार है,

दिल में तुम्हारे अपने भक्तो का प्यार है,

करके अर्चन चरणों में दाता,

भक्ति के हम भी गीत रोज गाएंगे,

दर पे हम तेरे रोज़ आएंगे.....

श्रद्धा के फुल हम तुमको चढ़ाऐ,

सोणी तेरी आरती गाये,

करने पूजन चरणों में दाता जी,

दर पे हम तेरे रोज़ आएंगे....

करने वंदन चरणों में सतगुरु,

दर पे हम तेरे रोज आएंगे,

हो दर पे तेरे रोज आएंगे,

दर पे हम तेरे रोज़ आएंगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।