श्याम सपनो में आता क्यूँ नहीं

बाबा रसिका पागल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम सपनो में आता क्यूँ नहीं ।

प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं ॥

मेरा दिल तो दीवाना हो गया ।

मुझे सूरत दिखाता क्यूँ नहीं ॥

मेरे नैयनो में सूरत श्याम की ।

मुझे दिल से लगाता क्यूँ नहीं ॥

सादियो से भटक रहा दर दर पर ।

मुझे दर पर बुलाता क्यूँ नहीं ॥

तेरे प्यार का आधा पागल हूँ ।

पूरा पागल बनता क्यूँ नहीं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।