शिव शंकर भोले भाले तुमको लाखों प्रणाम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर भोले भाले, भोले जी तुमको लाखों प्रणाम,

भोले जी तुमको लाखों प्रणाम,

भोले जी तुमको लाखों प्रणाम,

शिव शंकर भोले भाले.....

देवताओं पर कृपा कीनी,

पीकर विष रक्षा कर दीनी,

पी गए भर भर प्याले, भोले जी तुमको लाखों प्रणाम,

शिव शंकर भोले भाले.....

पार्वती ने जब तप कीना,

छोड़ समाधि ब्याह कर लीना,

प्रेम दिखाने वाले, भोले जी तुमको लाखों प्रणाम,

शिव शंकर भोले भाले.....

रावण ने सिर काट चढ़ाया,

अमृत कुंड नाभि धरवाया,

अमर बनाने वाले, भोले जी तुमको लाखों प्रणाम,

शिव शंकर भोले भाले....

भला बुरा हो भक्त तुम्हारा,

कोई ना उसको मारन हारा,

रक्षा करने वाले, भोले जी तुमको लाखों प्रणाम,

शिव शंकर भोले भाले.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।