हारे का सहारा है तू श्याम हमारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हारे का सहारा है तू श्याम हमारा है,

याद तेरी जब सांवरे हमको आती है तो रुलाती है....

दुनिया का हर रिश्ता लगता झूठा है,

अपने प्रेमी से क्या तू भी रूठा है,

तुझे भोग लगाऊं क्या मुझे खाने के लाले हैं,

तेरे दर कैसे आऊं मेरे पाँव में छले हैं,

ये दुनिया गरीबी की मेरी हंसी उड़ाती है,

आँख मेरी फिर भर भर नीर बहाती है ये बहाती है.....

मैंने सुना तू जग का पालनहारा है,

खाटू नगरी में दरबार तुम्हारा है,

तेरी शरण में आकर के सब कुछ मिल जाता है,

रोटा हुआ आये जो हँसता हुआ जाता है,

मेरे जीवन दीपक की तेरे हाथ में बाती है,

याद तुम्हारी जब जब मुझको आती है वो रुलाती है....

अंत समय जब मौत का साया बैठा हो,

हाथ तू फेरे सर पे पास में बैठा हो,

विपिन तेरे चरणों में तेरा गुणगान करे,

गर फिर से जनम मिले खाटू दरबार मिले,

जब मिला है जीवन तो फिर मौत भी आती है,

याद तेरी जब सांवरे हमको आती है वो रुलाती है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।