जय जय कार तुम्हारी बनवारी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तीनों लोक में सत्ता तुम्हारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है.....

ऋषि मुनि सब ध्यान लगाएं,

ब्रह्मा महेश भी पार ना पाएं,

तुम पे दुनिया बलिहारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है,

तीनों लोक में सत्ता तुम्हारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है.....

नित नित हम दर्शन को आते,

श्री श्याम चरणों में शीश नवाते,

चरणों पे दुनिया वारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है,

तीनों लोक में सत्ता तुम्हारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है.....

सर्वेश्वर तुम जगत उपकारी,

दुनिया सदा तुम्हारी आभारी,

सुनलो विनती जो हमारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है,

तीनों लोक में सत्ता तुम्हारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है.....

श्री श्याम नाम बोले जो मुख से,

पाए मुक्ति वो संताप हर दुख से,

राजीव चरणों का सदा पुजारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है,

तीनों लोक में सत्ता तुम्हारी है,

जय जय कार तुम्हारी बनवारी है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।