मेरे श्यामा सबके सिरजनहार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्यामा सबके सिरजनहार,

तेरे बिना अब कोई नही है जग का पालन हार....

जग की प्रीती अज़ब निराली, जाने जानन हार,

बिन मतलब ना मुख से बोले, मतलब की मनवार,

तेरे बिना अब कोई नही है जग का पालन हार....

सुख मे सब कोई संगी साथी, कुटुम्ब सखा परिवार,

भीड़ पड़े जब मुखङा मोड़े, स्वार्थ का संसार,

तेरे बिना अब कोई नही है जग का पालन हार....

ना जानू कोई भक्ती पूजा, मै हूँ मुरख गंवार,

जैसो तेसो हूँ मै स्वामी, मुझ पर दया विचार,

तेरे बिना अब कोई नही है जग का पालन हार....

तुम ही सागर तुम ही किनारा, तुम ही हो पतवार,

तुम ही नैया तुम ही खवैया, तुम हो खेवण हार,

तेरे बिना अब कोई नही है जग का पालन हार....

सुख ओर दुःख मे तुम ही सहारा, तुम ही प्राणाधार,

‘दास’ की बस यही भावना, सुखी रहे संसार,

तेरे बिना अब कोई नही है जग का पालन हार....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।