महाकाल राजा का दीवाना हुआ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महाकाल राजा का दिवाना हुआ,

खुद से मैं तो बेगाना हुआ,

दिल मेरा गाये और नाचे ये मन,

भोले कि धुन में मस्ताना हुआ......

सावन का महीना ये लगता सुहाना,

अखियाँ ये चाहे दरश तेरा पाना,

अर्जी सुनो मेरी हे भोले शंकर,

गौरा को संग लेके घर मेरे आना,

तुझको रिझाऊँ मैं होके मगन,

दिल मेरा गाये और नाचे ये मन,

खुद से मैं तो बेगाना हुआ,

महाकाल राजा का दिवाना हुआ.....

बाबा बजाते है जब डमरू डम डम,

नाचे सभी देव कह भोले बम बम,

बाबा हमें भी वही धुन सुनाओ,

बन के मदारी हमें भी नचाओ,

नन्दी के जैसी ही लागी लगन,

दिल मेरा गाये और नाचे ये मन,

खुद से मैं तो बेगाना हुआ,

महाकाल राजा का दिवाना हुआ.....

तुमको चढावुं मै भांग धतुरा,

कर दो मेरे मन का अरमान पुरा,

तेरी ही धुन मे सदा लिन होके,

नाचे व गाऐ ये मन का मयुरा,

मस्त मलंग होके गांऊ भजन,

जय शिव शम्भु मेरे भगवन,

बम भोले बम भोले जपे मेरा मन,

शिव भक्ति मे होके मगन,

जय शिव शम्भु जय शिव शम्भु जय शिव जय शिव शम्भु.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।