बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

जब बालाजी का जन्म हुआ था,

फूलों के थाल सजावे माता अंजनी,

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

जब बालाजी की छठी पूजा थी,

लाल लंगोट पहनावे माता अंजनी,

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

जब बालाजी ने चलना सीखा,

बजनी पायल पहनावे माता अंजनी,

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

जब बालाजी ने बोलना सीखा,

राम ही राम रटावे माता अंजनी,

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

जब बालाजी ने लिखना सीखा,

राम ही राम लिखावे माता अंजनी,

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

जब बालाजी ने खाना सीखा,

चूरमे का भोग लगावे माता अंजनी,

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

जब बालाजी ने लड़ना सीखो,

गधा के गधा घुमावे माता अंजनी,

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

जब बालाजी ने उड़ना सीखा,

पर्वत ही पर्वत गुमावे माता अंजनी,

बालाजी को लाड लडावे माता अंजनी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।