भोला अयला शशिपुर गाम

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

बम-बम भोला हो अयला शशिपुर गाम,

भगवत्ती के सामने तोहर बास भेल अहिठाम,

बम-बम भोला हो अयला शशिपुर गाम॥

कार्तिक गणपति संग में अनिह पार्वती के संगे,

बसहा सेहो साथ में अनिह भरि क पूर्ण उमंगे,

गंगाजल भरि जल चढायब करब तोहर स्नान,

बम-बम भोला हो....

त्रिभुवन के तू मालिक बाबा छ तू औघर दानी,

धिया पुता हम तोहर बाबा छी अबोध अज्ञानी,

गाम में आर परदेस में बसल सब तोहर संतान,

बम-बम भोला हो....

कृपा बना क रखिह बाबा बैद्यनाथ रामेश्वर,

जबलपुर रेवा तट वासी दानी तू नर्मदेश्वर,

राति दिन हे तोहर शंकर करी सदा गुणगान,

बम-बम भोला हो....

तू ही छ “शशिनाथ महादेव” तू ही छ कैलाशी,

तु ही छ केदार नाथ आ तू ही छ सबके काशी,

साष्टांग भय तोहर चरण में सब क्यो करी प्रणाम,

बम-बम भोला हो....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।