जय हो पवन कुमार तोरी शक्ति है अपार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय हो पवन कुमार तोरी शक्ति है अपार,

हे बजरंगबली बिनती सुनले ले हमार....

सुनले ले हमार बिनती सुनले ले हमार,

तोरे दुवार मैं करथा गुहार,

हे बजरंगबली बिनती सुनले ले हमार.....

सीता माता के पता ते लगाए,

मूर्छित लखन बर संजीवन लाए,

बज्र तोरे चोला सोहे बंधन तोला,

बज्र तोरे चोला गदाधारी,

रूद्र के अवतार तोरी शक्ति है अपार,

हे बजरंगबली बिनती सुनले ले हमार......

अशोक वाटिका लाके उजाड़े,

पेहा अक्षयकुमार ला संग धाए

माता अंजनी के लाल दर्द तोला दो काल,

माता अंजनी के लाल बाल ब्रम्हचारी,

भक्ति है अपार वाह रे राम के दुलार,

हे बजरंगबली बिनती सुनले ले हमार.....

सुनले ले हमार बिनती सुनले ले हमार,

तोरे दुवार मैं करथा गुहार,

हे बजरंगबली बिनती सुनले ले हमार…..

हे बजरंगबली बिनती सुनले ले हमार,

हे बजरंगबली बिनती सुनले ले हमार…...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।