अरे लंका वालों दशानन से कह दो

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अरे लंका वालों दशानन से कह दो ,

हनुमान लंका जलाके चला है,

चुराते हो सीता मैया को छल से ,

समझलो तुम्हारी अपनी बला है…..

उजाड़े हैं मैंने ये बाग सारे,

संभल जाओ वर्मा जाओगे मारे,

गदा से गिराए दानव हज़ारों,

हनुमान ऐसा करके चला है…..

ये सोने की लंका जला के चला हूँ,

अंजाम तुमको बता के चला हूँ,

सर पे खड़कती है रावण तुम्हारे ,

समझ लो खड़काने का समय आ गाया है....

अहंकार छोड़ो ना जीवन गँवाओ

बेवक्त अपनी जान ना गँवाओ

करेगा तुम्हें भी बर्बाद रावण

तुमको ये हनुमत बता के चला है

अरे लंका वालों दशानन से कह दो……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।