दर पे तेरे रोज आएँगे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

करने वंदन चरणों में बजरंगी,

दर पे हम तेरे रोज आएंगे,

हो, दर पे तेरे रोज आएँगे,

दर पे हम तेरे रोज़ आएंगे.....

द्वार पे तेरी अपनी विपदा सुनाएंगे,

द्वार पे तेरी अपनी विपदा सुनायेंगे,

अपने ह्रदय का हम हाल सुनाएंगे,

अपने ह्रदय का हम हाल सुनायेंगे,

करने पूजन चरणों में महावीरा,

मंदिर में तेरे रोज आएंगे,

दर पे हम तेरे रोज़ आएंगे…...

संकट हारी तेरी लीला अपार है,

संकटहारी तेरी लीला अपार हैं,

दिल में तुम्हारे अपने भक्तो का प्यार है,

दिल में तुम्हारे अपने भक्तो का प्यार हैं,

करके अर्चन चरणों में मारुति नंदन,

भक्ति के गीत रोज गाएंगे,

दर पे हम तेरे रोज़ आएंगे…..

श्रद्धा सुमन हम तुमको चढ़ाएंगे,

श्रद्धा सुमन हम तुमको चढ़ायेंगे,

दीपक जलाएंगे आरती दिखाएंगे,

दीपक जलाएंगे आरती दिखायेंगे,

करने पूजन चरणों में अंजनी लल्ला,

हवन में नित प्रीत लाएंगे,

दर पे हम तेरे रोज़ आएंगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।