भक्तो में एक भक्त मेरे हनुमान प्यारे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय हो

भक्तो में...

भक्तो में एक भक्त मेरे,

हनुमान बड़े हैं प्यारे,

भक्तो में एक भक्त मेरे,

हनुमान बड़े हैं प्यारे,

जो श्री राम के काज सवारे,

माँ अजंना के दुलारे,

श्री राम के भक्त ये प्यारे.....

मात सिया का हरण हुआ,

तब हनुमत आगे आए,

श्री राम का झंडा,

सारे जग में है फ़ैऱाये,

ऐसे है..

ऐसे है हनुमत जी मेरे,

ऐसे है हनुमत जी मेरे,

भक्तो के ये सहारे,

जो श्री राम के काज सवारे,

माँ अजंना के दुलारे,

श्री राम के भक्त ये प्यारे....

लक्ष्मण को जब बाण लगी,

ये ही संजीवन लाये,

तब ये ही संजीवन लाये,

तब ये ही संजीवन लाये,

चिंतित रामचंद्र के मुख पर

खुशिया हनुमत लाये,

अरे खुशिया हनुमत लाये,

लक्ष्मण को जब बाण लगी,

ये ही संजीवन लाये,

चिंतित रामचंद्र के मुख पर,

खुशिया हनुमत लाये,

ऐसे...

ऐसे परमबीर बजरंगी,

को अब भज ले प्यारे,

जो श्री राम के काज सवारे,

माँ अंजनी के दुलारे,

श्री राम के भक्त ये प्यारे.....

किया कटाक्ष विभीषण ने,

हनुमत की भक्ति पर तब,

चिर के सीना दिखा दिया,

श्री राम का दर्श वही पर,

किया कटाक्ष विभीषण ने,

हनुमत की भक्ति पर तब,

चिर के सीना दिखा दिया,

श्री राम का दर्श वही पर,

ऐसे...

ऐसे संकट मोचन हनुमत,

भव से सबको तारे,

जो श्री राम के काज सवारे,

माँ अजंना के दुलारे,

श्री राम के भक्त ये प्यारे.....

हनुमत जी को कलियुग में,

जो भी दिल से हैं ध्यायें,

कष्टों का समजो अंत हुआ,

घर में खुशिया है लाये,

हनुमत जी को कलियुग में,

जो भी दिल से हैं ध्यायें,

कष्टों का समजो अंत हुआ,

घर में खुशिया है लाये,

ऐसे...

ऐसे सिद्ध मेरे बालाजी,

ऐसे सिद्ध मेरे बालाजी,

सब के भाग्य सवारे,

जो श्री राम के काज सवारे,

माँ अजंना के दुलारे,

श्री राम के भक्त ये प्यारे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।