महाकाल तेरे दरबार में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महाकाल तेरे दरबार मे,

सर को झुकाने आ गए,

महाकाल तेरे चरणों में,

शिश नवाने आ गए....

जिसने ध्यान किया शम्भु का,

उसके खुल गए भाग,

मुँह मांगा वर पाया उसने,

बन गए सारे काम,

महाकाल तेरे दरबार में,

एक फूल चढ़ाने आ गए.....

द्वार खङा हूँ तेरे बाबा,

सुन लो मेरी पुकार,

आशाऐ तुझसे है बाबा,

विनय करो स्वीकार,

महाकाल तेरे दरबार में,

हम तुझको मनाने आ गए.....

इस दुनिया ने तड़पाया है,

हमको सुबहो शाम,

सांस सांस में जपते रहते,

शम्भू तेरा नाम,

महाकाल तेरे दरबार में,

हम दर्द बांटने आ गए,

महाकाल तेरे दरबार मे,

सर को झुकाने आ गए.....

डमडम डमडम बजेगा डमरू,

नाचेंगे हम आज,

हम भी रमा भभूत देह में,

बोले जय महाकाल,

बोले जय महाकाल,

बोले जय महाकाल जय श्री महाकाल,

महाकाल तेरे दरबार में,

हम पागल दीवाने आ गए,

महाकाल तेरे चरणों में,

शिश नवाने आ गए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।