मेरा पिहारियो खाटू में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( इच्छाएं लाख होती है पर जिद्दी नहीं होते,

उनसे जा करके पूछो जिनके सर पर मां बाप नहीं होते,

मैंने खाटू वाले को अपना मां बाप बना लिया,

और खाटू को ही अपना घर बना लिया। )

मेरा पिहारियो खाटू में,

मेरे बाप की है सरकार,

इसी का चाले खाटू में,

मेरे बाप की है सरकार,

इसी का चाले खाटू में,

मेरा पिहारियो खाटू में….

मेरा बाप बुलावे खाटू में,

मेरा बाबा बुलावे खाटू में,

होरी करके ब्रिज मालामाल,

इसी का चाले खाटू में,

मेरा पिहारियो खाटू में…….

फूलों से सजता मे सांवरा,

होरी इत्र की उड़े भरमार,

इसी का चाले खाटू में,

मेरा पिहारियो खाटू में…….

मेरे बाप की ऊंची कोठी है,

मेरे बाबा की ऊंची कोठी है,

होरी रोज चड़े है निशान,

इसी का चाले खाटू में,

मेरा पिहारियो खाटू में…….

सोनिया बाबा की करती नौकरी,

सोनिया बाबा की करती नौकरी,

होरी भजन गाने के तनख्वाह,

इसी का चाले खाटू में,

मेरा पिहारियो खाटू में……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।