म्हारी कुल देवी महारानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

म्हारी कुल देवी मैया की साँची सख्लाई जी,

देखो चुनड ओह्नडन मैया माहरे घर आई जी...

सुनी सुनी चुनड थारी टबर लेकर आया,

धना चाव से मैया इन्हें सब मिल धनो सजाया,

हीरा मोती सोना चांदी इमें करी जड़ाई थी,

देखो चुनड ओह्नडन मैया माहरे घर आई जी...

चुनड की माँ महिमा भारी मन म्हारो हर्शावे,

सगळा देवी देवता सागे पितृ भी चुनड ओढावे,

धरती नाचे अम्बर नाचे श्रृष्टि मुस्काई जी,

देखो चुनड ओह्नडन मैया माहरे घर आई जी.....

कुल देवी मैया जी थारी कितनी करा बड़ाई,

कुल की देवी टाबरियो मान बड़ावन आई,

झूम रहा सब चुनड माँ नाचे लोग लुगाई जी,

देखो चुनड ओह्नडन मैया माहरे घर आई जी...

धना ही शरदा भाव से थारो मंगल पाठ करावा,

सगला कुतब कबीला संग में थारा लाड लडावा,

संजय मन हर भगता संगमा थारी गावे वधाई जी,

देखो चुनड ओह्नडन मैया माहरे घर आई जी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।