भलें कुछ और मुझे तू देना ना देना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भले कुछ और मुझे,

तू देना ना देना,

मगर इतनी किरपा,

श्याम मुझ पे करना,

खर्चा मैं घर का चलाता रहूँ,

जब तू मुझे बुलाए खाटू आता रहूँ,

भलें कुछ और मुझे,

तू देना ना देना,

मगर इतनी किरपा,

श्याम मुझ पे करना………

दुनिया की नजरो में ये घर मेरा है,

वो क्या जाने दिया हुआ सब तेरा है,

दो रोटी इज्जत की,

सदा देते रहना,

तेरी इतनी किरपा,

श्याम मुझ पे करना…..

जब जब बाबा तुझसे मिलना चाहूँ मैं,

दौड़ा दौड़ा खाटू नगरी आउं मैं,

व्यवस्था ऐसी तू,

तेरी मुझ पे करना,

तेरी इतनी किरपा,

श्याम मुझ पे करना…..

दौलत दे या ना दे तेरी मर्जी है,

पर ‘सोनू’ की बाबा तुझसे अर्जी है,

कभी ना खोऊँ मैं,

ये इज्जत का गहना,

तेरी इतनी किरपा,

श्याम मुझ पे करना…….

भले कुछ और मुझे,

तू देना ना देना,

मगर इतनी किरपा,

श्याम मुझ पे करना,

खर्चा मैं घर का चलाता रहूँ,

जब तू मुझे बुलाए खाटू आता रहूँ,

भलें कुछ और मुझे,

तू देना ना देना,

मगर इतनी किरपा,

श्याम मुझ पे करना…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।