आवत देखो तो अचक चढ़ी चली आई जमुना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आवत देखो तो अचक चढ़ी चली आई जमुना,

चली चली आई जमुना, चली चली आई जमुना,

आवत देखो तो.....

सोए गए सब पहरे वाले टूट गए जेल के ताले,

ले वसुदेव चले री गोकुल को आधी रतिया,

आवत देखो तो....

भरी भादो की रात अंधेरी छाए रही है घटा अलबेली,

रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे चमके बिजुरिया,

आवत देखो तो.....

पीछे से आगे भई जमुना प्राण बचे लाला के अब ना,

चरण पखार उतर गई जमुना हस गए छलिया,

आवत देखो तो....

गोकुल में उत्सव भयो भारी नंद बाबा ने खुशी मनाई,

घर-घर में बट रही मिठाई और गांव में बधाइयां,

आवत देखो तो....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।