नाम तेरे दी मस्ती दे विच एह्दा खो गई आ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाम तेरे दी मस्ती दे विच एह्दा खो गई आ,

नच नच के तेरे दर ते श्यामा कमली होगी आ....

कमली कमली केहके सारी दुनिया हसदी है,

तेरी प्यारी मूरत श्यामा मेरे दिल विच वसदी है,

ज्योत जगा के तेरी ही ज्योति विच खो गई आ,

नच नच के तेरे दर ते श्यामा कमली होगी आ....

सुबह सवेरे सुबह सवेरे उठके तेरा नाम ध्याओनी आ,

सचे मन नाल श्यामा तेरी मैं ज्योत ज्गौनी आ,

चरनी ला लेया मैनु तेरी रहमत होगी आ,

नच नच के तेरे दर ते श्यामा कमली होगी आ....

भगत तेरा श्याम हरपल नाम ध्यौन्दा है

तेरी सोनी महिमा नू मैं पल पल गोंदा है,

चारे पासे तेरी जय जयकार हो गई आ,

नच नच के तेरे दर ते श्यामा कमली होगी आ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।