सर पे घुमा दो मोरछड़ी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोरछड़ी बाबा मोरछड़ी,

सर पे घुमा दो मोरछड़ी,

कलयुग के अवतारी बाबा

मेरी नैया अटकी पड़ी....

कलयुग के अवतारी बाबा,

विनती मेरी सुनलो ये,

ग्यारस की बारस पर बाबा,

तेरे दर पर आऊं जी,

ऐसी कृपा करो सांवरे,

हारा हुआ जीत जाऊं जी.....

तेरे दर पर आकर बाबा,

सब कुछ भूल मैं जाऊं जी,

सब भक्तों की विनती सुनके,

मेरी भी बाबा सुनलो जी,

सब जगह से हार गया हूँ,

और मुझे ना हराओ जी....

लखदातारी तेरी बाबा,

लाखों रोज़ लुटावे जी,

विपदा मुझ पर आ पड़ी है,

रास्ता मुझको दिखाओ जी,

खाटू वाले श्याम धणी थाने,

श्याम बहादुर बुलावै जी....

बैलगाड़ी से चल कर बाबा,

पहुँच गए रेवाड़ी भी,

अपने भक्ति के पीड़ा सुनकर,

मोरछड़ी लहराई जी,

मोरछड़ी की महिमा निराली,

श्याम बहादुर गावे जी,

मोरछड़ी बाबा मोरछड़ी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।