मेरे दातिया होली हम तेरे संग मनाए

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन गुरुदेव भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दातिया होली हम तेरे संग मनाए,

भगती दे रंग च रंगाए

मेरे दातिया होली हम तेरे संग मनाए.....

हारावाली माला मेरे दाता सोणे पोंदे ने,

भगत प्यारे ओदे दर्शन पोंदे ने,

मेरे दातिया होली हम तेरे संग मनाए.....

अरशा तो चल के ब्रह्मा विष्णु जी आए ने,

तेरे चरणा च सिर नू झुकाये ने,

मेरे दातिया होली हम तेरे संग मनाए.....

सोणी सोणी कार विच हारा वाले ओंदे ने,

भगत ओदे नाम दे जयकारे सोणे लांदे ने,

मेरे दातिया होली हम तेरे संग मनाए.....

भगत प्यारे ओदी महिमा नू गोन्दे ने,

तेरी सोणी महिमा नू सब सुनांदे ने,

मेरे दातिया होली हम तेरे संग मनाए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।