राखी मैं बना के रखड़ी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बोल मेरे भी माँ छेती तू पुकादे,

रखी मैं बना के रखड़ी,

भैण मैनू इक वीर दी बनादे.....॥

मौली दीया तन्दा नाल डोरी मैं बनाई,

लिखीया जै माँ सोहणे गोटे न सजाई ऐ,

चा मेरे वी माँ पूरे तु करादे..........॥

हर पल वेख मईया तेरी रोई ऐ,

वीर बिना जग सूना रौनक न कोई ऐ,

बूटा बाबूल वेहडे माँ लगादे...............॥

लोका दे बोल माडे सीना साड जांदे ने ,

गल्ला - गल्ला विच दाती गल मार जांदे,

माँ मेरी पूत वाली तु बना दे .........॥

जिदे आखे लग मईया रखड़ी बनाई ऐ,

श्रद्धा दे नाल तेरे चरणी छूयाई ऐ ,

लाज ' सागर ' दी आज माँ बचा दे ....... ॥

Singer -: kumar - sanjeev

Contact -: 098141 _62145

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।