भोले का बन कर देख जरा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया का बन कर देख लिया,

भोले का बन कर देख जरा,

शिव नाम में कितनी शक्ति है,

इस राह पर चल कर देख जरा….

इस नाम में कितनी शक्ति है,

यह पूछो प्रेम दीवानों से,

इस प्रेम के प्याले को प्राणी,

एक बार तो पी कर जरा,

दुनिया का बनकर देख लिया,

भोले का बन कर देख जरा,

शिव नाम में कितनी शक्ति है,

इस राह पर चल कर देख जरा……..

दुनिया के चक्कर में पड़ कर,

कई जनम युँही बर्बाद किये,

अब शरण में भोले की आ कर,

तू नाम सुमीर कर देख जरा,

दुनिया का बनकर देख लिया,

भोले का बन कर देख जरा,

शिव नाम में कितनी शक्ति है,

इस राह पर चल कर देख जरा………

जो भक्ति मार्ग पर चलते हैं,

वो जग में अमर हो जाते हैं,

ये प्यार हे मेरे भोले का,

तू नींद से जग कर देख जरा,

दुनिया का बन कर देख लिया,

भोले का बन कर देख जरा,

शिव नाम में कितनी शक्ति है,

इस राह पर चल कर देख जरा….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।