राजा राम आइये प्रभू राम आइये

पारंपरिक
श्री राम आरती राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राजा राम आइये प्रभू राम आइये,

मेरे भोजन का भोग लगाइये……..

आचमनी अर्घा आरती यहाँ यही मेहमानी,

रुखी रोटी पाओ प्रेम से पियो नदी का पानी,

राजा राम आइये प्रभू राम आइये,

मेरे भोजन को भोग लगाइये……

भूल करोगे यदि तज दोगे भोजन रुखी सुखे,

एकादशी आज मन्दिर में बैठे रहोगे भूखे,

हो राजा राम आइये प्रभू राम आइये,

मेरे भोजन को भोग लगाइये….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।