बोल सुबह राम राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बोल सुबह राम राम मीठी मीठी वाणी रे...

सोने के ही तार सुहा पिंजरों बनाऊ रे,

पिंजरे रे मोती धारी झालरी लगाऊ रे,

बोल सुबह राम राम मीठी मीठी वाणी रे…..

भीतर मिठाई मेवा लाख शी जमाऊ रे,

आमरेडो रस तने घोल घोल पाऊ रे,

बोल सुबह राम राम मीठी मीठी वाणी रे……

चम्पा के री ढाल सुहा हिनढोलों गलाऊ रे,

हिंडोले बिठा के तने हाथ सु जुलाऊ रे,

बोल सुबह राम राम मीठी मीठी वाणी रे……

पग्लेया रे माहि थारे पेजनिया पहनाऊ रे,

मीरा गिरधारी शरने आया सुख पाऊ रे,

बोल सुबह राम राम मीठी मीठी वाणी रे…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।