मैया तेरा मेरा रिश्ता पुराना है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया तेरा मेरा रिश्ता पुराना है,

नहीं मुझसे रूठना तेरा ही ठिकाना है,

ओ मैया रख लो शरण में ओ मैया………..

मैंने जबसे जनम लिया तुझको अपनाया है,

तुझसे मिलने ख़ातिर जीवन ये बिताया है,

आएगी तू इक दिन मेरे दिल ने माना है,

नहीं मुझसे रूठना तेरा ही ठिकाना है,

ओ मैया रख लो शरण में ओ मैया………..

तूने छोड़ा जो मुझको में जी नहीं पाऊँगी,

तेरा नाम ले लेकर में तो मर जाऊँगी,

जो भूल हुई मुझसे उसे माफ़ भी करना है,

नहीं मुझसे रूठना तेरा ही ठिकाना है,

ओ मैया रख लो शरण में ओ मैया…….

करती हूँ इक वादा तुझको ना भुलाऊँगी,

ये जीवन सारा में सेवा में बिताऊँगी,

अब है विश्वास मुझे ना छोड़ेगी तू मुझे,

मेरे साथ साथ चलना तुझे रीत निभानी है,

नहीं मुझसे रुठना तेरा ही ठिकाना है,

ओ मैया रख लो शरण में ओ मैया…….

मैया तेरा मेरा रिश्ता पुराना है,

नहीं मुझसे रूठना तेरा ही ठिकाना है,

ओ मैया रख लो शरण में ओ मैया……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।