सांवरे की दर की महिमा निराली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सांवरे की दर की महिमा निराली है,

मेरे सांवरे की…..

मेरे सांवरे की दर की महिमा निराली है,

महिमा निराली है दरबार आली है,

मेरे सांवरे की,

मेरे सांवरे की दर की महिमा निराली है……..

जो भी आया इस के द्वारे,

कर दिए उसके वारे न्यारे,

रोज-रोज उनके घर में दिवाली है,

मेरे सांवरे की,

मेरे सांवरे की दर की महिमा निराली है………

जिसने दर पे अर्जी लगाई,

श्याम ने झट से कर दी सुनाई,

उसने भक्तों की कोई ना बात टाली है,

मेरे सांवरे की,

मेरे सांवरे की दर की महिमा निराली है………..

जिसकी डगमग डोले नईया है,

उसके नाव की बने खेवैया,

उसकी भवरो से नईया पल में निकाली है,

मेरे सांवरे की,

मेरे सांवरे की दर की महिमा निराली है……

वीरेंद्र जब-जब हारे, श्याम प्रभु ने दिए सहारे,

मेरी इज्जत भी इसने हरदम संभाली है,

मेरे सांवरे की,

मेरे सांवरे की दर की महिमा निराली है……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।