मेरे संग श्याम रहते है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय श्री श्याम, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, जय श्री श्याम…….

अब ना चिंता ना फिकर,

ना किसी बात का डर,

रहती हूं मैं बेफिक्र,

मेरे संग श्याम रहते……

हर घड़ी इनकी नजर,

रहती है मेरे ऊपर,

क्यों करूं मैं फिगर,

मेरे संग श्याम रहते……

अंधेरों को अब मिली रोशनी,

अमावस की काली अब रातें गई,

मिला रास्ता मिली मंजिलें,

शुरुआत खुशियों की अब हो गई,

अब ना होगा कोई गम,

खुशियां भी ना होंगी कम,

बन गए मेरे हमदम,

मेरे संग श्याम रहते……

जय श्री श्याम, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, जय श्री श्याम……

कोई साथ हो चाहे ना हो,

मेरे साथ अब तो मेरा श्याम है,

इन्हीं के करम से हो रहा,

शर्मा का अब तो हर एक काम है,

धरती हो या आसमां,

जाऊं मैं चाहे जहां,

हर घड़ी अब तो वहां,

मेरे संग श्याम रहते……

अब ना चिंता ना फिकर,

ना किसी बात का डर,

रहती हूं मैं बेफिक्र,

मेरे संग श्याम रहते……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।