सो रहे पार्वती के लल्ला

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सो रहे पार्वती के लल्ला,

हे री सखी कोई ना मचाईओ हल्ला,

सो रही पार्वती के लल्ला....

केसर चंदन इनके मन को ना भावे,

रोली देख कर खुश हुए लल्ला,

सो रहे पार्वती के लल्ला....

मोतियन माला मन को ना भावे,

दूब घास देख खुश हुए लल्ला,

सो रहे पार्वती के लल्ला.....

धोती कुर्ता इन के मन को ना भावे,

ओढ़न को मांग रहे है दुशाला,

सो रहे पार्वती के लल्ला.....

हाथों में कंगना इनके मन को ना भावे,

पैरन को मांग रहे उंगली में छल्ला,

सो रहे पार्वती के लल्ला....

बर्फी पेड़ा इनके मन को ना भावे,

खाने को मांग रहे हैं रसगुल्ला,

सो रहे पार्वती के लल्ला....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।