किया ना तूने हरि से प्यार

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

किया ना तूने हरि से प्यार,

सारा जीवन दिया यूंही गुजार,

तूने की बड़ी नादानी है,

नादान तेरी यही कहानी है,

मानव तन ना पाएगा दोबारा,

व्यर्थ गंवाया सारे का सारा,

यही नाकामी की निशानी है,

नादान तेरी यही कहानी है,

मोह से प्रीत है दुख का कारण,

माया ठगनी की मन में धारण,

समझ सका ना बड़ा अज्ञानी है,

नादान तेरी यही कहानी है,

करले कर्म कुछ सुधारले जीवन,

प्रभु भक्ति में लगाले तू मन,

संतो की यही वाणी है,

नादान तेरी यही कहानी है,

तूने की बड़ी नादानी है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।