मेरे जीवन की डोर गणेश तेरे हाथों में

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेरे जीवन की डोर गणेश तेरे हाथों में,

तेरे हाथों में तेरे हाथों में,

मेरे जीवन की डोर....

जब गणपति तेरी चौकी सजाऊं,

देख रहे सब देव गणेश मेरे अंगना में,

मेरे जीवन की डोर.....

जब गणपति तोहै चौकी पर बिठाए,

आय ब्रह्मा विष्णु महेश गणेश मेरे अंगना में,

मेरे जीवन की डोर.....

जब गणपति तेरे चरण धुलाय,

गंगा करें प्रवेश गणेश मेरे अंगना में,

मेरे जीवन की डोर.....

जब गणपति तुम्हें हार पहनाए,

बरसत फूल अनेक गणेश मेरे अंगना में,

मेरे जीवन की डोर.....

रिद्धि सिद्धि तेरे संग में आए,

आए गए सब देव गणेश मेरे अंगना में,

मेरे जीवन की डोर.....

अंगना में तेरा कीर्तन कराया,

नाच रहे सब देव गणेश मेरे अंगना में,

मेरे जीवन की डोर......

जब गणपति तेरा भोग लगाया,

बरस रहे हैं कुबेर गणेश मेरे अंगना में,

मेरे जीवन की डोर.....

जब गणपति तेरा दर्शन पाया,

मिट गए सभी क्लेश गणेश मेरे जीवन में,

मेरे जीवन की डोर.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।