तीन लोक से न्यारी राधा रानी हमारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तीन लोक से न्यारी राधा रानी हमारी,

रानी हमारी महारानी हमारी,

तीन लोक से न्यारी......

ब्रह्मा शंकर पार ना पामें,

ऋषि मुनि सब ध्यान लगामें,

इंद्र लगावे बुहारी राधा रानी हमारी,

तीन लोक से न्यारी.....

नित उठ दर्शन करने आवत,

सुंदर श्याम चरण सिर नावत,

चरनन को चाकर मुरारी राधा रानी हमारी,

तीन लोक से न्यारी.....

सर्वेश्वरी जगत कल्याणी,

सबकी मालिक राधा रानी,

कोई ना रहता भिकारी राधा रानी हमारी,

तीन लोक से न्यारी....

एक बार जो बोले राधा,

जन्म जन्म मिट जाए बाधा,

मैं चरणों की पुजारी राधा रानी हमारी,

तीन लोक से न्यारी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।