तुम्ही सादगी हो तुम्ही बन्दगी हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम्ही सादगी हो,

तुम्ही बन्दगी हो,

मेरे सांवरे अब,

तुम्ही जिंदगी हो,

लगाया है तुमसे,

मैंने दिल ये बाबा,

मेरे दिल की अब,

तुम्ही दिल्लगी हो……

जहाँ देखती हूँ,

जिधर देखती हूँ,

तेरी प्यारी सूरत,

उधर देखती हूँ,

नहीं सूझता अब,

तुम्हारे सिवा कुछ,

मेरी सोच में अब,

तुम्ही हर घडी हो,

तुम्ही सादगी हों,

तुम्ही बन्दगी हो,

मेरे सांवरे अब,

तुम्ही जिंदगी हो……

तुम्ही दुःख हो मेरा,

तुम्ही सुख हो मेरा,

तुम्ही सांवरे अब,

सब कुछ हो मेरा,

हर एक साँस पर ही,

लिखा नाम तेरा,

मेरे होंठों की,

तुम्ही तो हंसी हो,

तुम्ही सादगी हों,

तुम्ही बन्दगी हो,

मेरे सांवरे अब,

तुम्ही जिंदगी हो…….

जन्मो का तुमसे,

जोड़ा है बंधन,

समर्पण किया है,

तुम्हे सारा जीवन,

शरण अपनी मुझको,

सदा श्याम रखना,

‘ शर्मा ‘ के दिल की,

तुम्ही हर ख़ुशी,

तुम्ही सादगी हों,

तुम्ही बन्दगी हो,

मेरे सांवरे अब,

तुम्ही जिंदगी हो….

तुम्ही सादगी हो,

तुम्ही बन्दगी हो,

मेरे सांवरे अब,

तुम्ही जिंदगी हो,

लगाया है तुमसे,

मैंने दिल ये बाबा,

मेरे दिल की अब,

तुम्ही दिल्लगी हो…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।