भक्तों में श्याम रस चढ गयो रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : भक्तों को दर्शन दे गई रे........

जय जय जय श्री श्याम,जय जय जय श्री श्याम,

भक्तों में श्याम रस चढ़ गयो रे आयो आयो फागणियो,

आयो फागणियो देखो आयो फागणियो,

भक्तों में श्याम रस चढ़ गयो रे आयो आयो फागणियो.....

फागुण का महीना है प्यारा,

देख के तोहे दिल मैं हारा,

महीना प्यारा,दिल मैं हारा,

फागुण का महीना है प्यारा,

देख के तोहे दिल मैं हारा,

श्याम के रंग में रंग गयो रे,

आयो आयो फागणियो,

भक्तों में श्याम रस चढ़ गयो रे,

आयो आयो फागणियो.....

महके खाटू का हर कोणा,

साँवरिया मेरा लागे सोणा,

महके कोणा, लागे सोणा,

महके खाटू का हर कोणा,

साँवरिया मेरा लागे सोणा,

छैल छबिलो फागण छाय गयो रे,

आयो आयो फागणियो,

भक्तों में श्याम रस चढ़ गयो रे.

आयो आयो फागणियो.....

दर पे तेरे नौबत बाजे,

सिर सोणे को छत्तर साजे,

नौबत बाजे,छत्तर साजे,

दर पे तेरे नौबत बाजे,

सिर सोणे को छत्तर साजे,

रिंगस से खाटू आय गयो रे,

आयो आयो फागानियो,

भक्तों में श्याम रस चढ़ गयो रे,

आयो आयो फागणियो....

साँवरिया तेरा प्यारा मुखड़ा,

लगता है ज्यूँ चांद का टुकड़ा,

प्यारा मुखड़ा,चांद का टुकड़ा,

साँवरिया तेरा प्यारा मुखड़ा,

लगता है ज्यूँ चांद का टुकड़ा,

"मधु" के मनड़े भाय गयो रे,

आयो आयो फागणियो,

भक्तों में श्याम रस चढ़ गयो रे,

आयो आयो फागणियो,

भक्तों में श्याम रस चढ़ गयो रे आयो आयो फागणियो,

आयो फागणियो देखो आयो फागणियो,

भक्तों में श्याम रस चढ़ गयो रे आयो आयो फागणियो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।