अपना ध्यान तो राख ले बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अपना ध्यान तो राख ले बाबा, दुनिया का के भरोसा,

आज यो तेरी कल ने मेरी, दुनियां रैन बसेरा सै.....

यो दुनिया तेरी बनाई, इस दुनिया का दस्तूर है,

जब तक तू काम का बाबा, तब तक हि तुझमें नूर है,

बाबा तू है हर प्रेमी का, पर दुनिया नहीं यों तेरी रे,

अपना ध्यान तो राख ले बाबा....

अरे ठाठ ते सोया कर तू, क्यूँ दुनिया कि परवाह करें,

यों कलयुग है मेरे बाबा, यहाँ कौन किसे का होया करें,

हाल तेरा यहाँ कोई ना पूछें, सब लुटन कि तैयारी में,

अपना ध्यान तो राख ले बाबा....

तेरी चिंता नहीं मिटेगी, तू बाप सा फर्ज निभारा है,

जो माँ को वचन दिया था, वो अब तक श्याम निभारा है,

भावों में कोई गलती हो गई, "प्रथम" यों बालक तेरा सै,

अपना ध्यान तो राख ले बाबा...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।