सात दिनों का साथ था हमारा तुम्हारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सात दिनों का साथ था हमारा तुम्हारा ,

होगी कृपया श्याम की तो होगा मिलन दोबारा.....

गीता बनी रामायण नित्य में सिखाएं,

काशी मथुरा तीरथ चारों धाम नहाए,

कंचन जैसी काया सबको मिलती नहीं दोबारा,

सात दिनों का साथ था हमारा तुम्हारा....

चार दिनों का जीवन रहो सभी से मिलकर,

गुलशन में तुम रहना कली जैसे बनकर,

बेर बुराई तज कर रखना रहना भाईचारा,

सात दिनों का साथ था हमारा तुम्हारा....

दीन दुखी लाचार को तुम ना कभी सताओ,

सुंदर रखो विचार को मन में बस यही लावो,

त्यागी संत वही है जो अपने दिल को मारा,

सात दिनों का साथ था हमारा तुम्हारा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।