शिव शंकर का नाम जपो रे,

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर का नाम जपो रे,

शिव शंकर का नाम जपो रे,

सब संसार में प्रेम रचो रे,

सब संसार में प्रेम रचो रे.....

शिव हर शंकर नमामि शंकर,

शिव शंकर शम्भू,

हे गिरिजा पति भवामि शंकर,

शिव शंकर शम्भू...

तेरा मार्ग पूर्ण ही सत्य,

तुहि मोक्ष का है वृत्तांत,

अर्थ तुहि है वेदो का,

तू ही जीवन का है सारांश,

तुहि तामस में है प्रभा,

तू ही शूल में है सुमन,

तुहि घटा में रूद्र अवतार,

तुहि पवन में है गमन,

तू हर पल में होता है काल,

तू ही समय का है सारथि,

तू ही रन का है महारथी....

शिव हर शंकर नमामि शंकर,

शिव शंकर शम्भू,

हे गिरिजा पति भवामि शंकर,

शिव शंकर शम्भू....

तू ही धरती का है आश्रय,

तू ही गगन की है गरिमा,

तू ही नदिया का है धयेये,

तू ही सर्वलोक की महिमा....

तू ही आंधी में है अटल,

तू है तूफ़ान में अचल,

तू ही मुकुट शिखर पर,

तू ही सागर का है तल,

तू ही सांझ में है भोर,

हर सुबह की है शाम,

तुहि भक्ति का है पल,

नभ में है तेरा नाम.....

सब संसार में प्रेम रचो रे,

सब संसार में प्रेम रचो रे...

शिव हर शंकर नमामि शंकर,

शिव शंकर शम्भू,

हे गिरिजा पति भवामि शंकर,

शिव शंकर शम्भू....

शिव शंकर का नाम जपो रे,

शिव शंकर का नाम जपो रे…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।