जब होती करुण पुकार सांवरा आता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब होती करुण पुकार,

सांवरा आता है,

जब पड़ती है दरकार,

सांवरा आता है,

आता है वो आता है,

आता है वो आता है,

जब होती करुंण पुकार,

सांवरा आता है……

द्रोपदी पे जब विपदा आई,

व्याकुल हो गई अबला नारी,

श्याम बचा लो लाज हमारी,

झटपट आए कृष्ण मुरारी,

और बढ़ गया चिर अपार,

सांवरा आता है,

जब होती करुंण पुकार,

सांवरा आता है,

जब पड़ती है दरकार,

सांवरा आता है….

नानीबाई ने इसे बुलाया,

सेठ सांवरा बन कर आया,

अरब खरब का भात ये लाया,

नरसी भगत का मान बढ़ाया,

करे भक्तो का बेडा पार,

सांवरा आता है,

जब होती करुंण पुकार,

सांवरा आता है,

जब पड़ती है दरकार,

सांवरा आता है…..

अंगुली पर गोवर्धन धर्ता,

मीरा का विष अमृत करता,

गज की ग्राह से रक्षा करता,

दुखियों के दुःख पल में हर्ता,

ये तो रहता है तैयार,

सांवरा आता है,

जब होती करुंण पुकार,

सांवरा आता है,

जब पड़ती है दरकार,

सांवरा आता है…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।