श्रीकृष्णा जी से आज मिलने सुदामा आए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्रीकृष्णा जी से आज मिलने सुदामा आए......

एक तो फटे से कपड़े फटे से कपड़े,

दूजे नंगे उनके पैर मिलने सुदामा आए,

श्रीकृष्णा जी से आज मिलने सुदामा आए......

एक तो मुट्ठी भर चावल मुट्ठी भर चावल,

दूजे लिए दुबकाय मिलने सुदामा आए,

श्रीकृष्णा जी से आज मिलने सुदामा आए......

हस हस के राधा पूछे वह रुक्मणी पूछें,

तिहारे लगते हैं कौन मिलने सुदामा आए,

श्रीकृष्णा जी से आज मिलने सुदामा आए......

एक तो ये मित्र हमारे ये दोस्त हमारे,

दूजे पढ़े दोनों साथ मिलने सुदामा आए,

श्रीकृष्णा जी से आज मिलने सुदामा आए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।