चाहे खुशियां दे या ग़म

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे जो देंगे मेरे श्याम सर झुका कर मैं लूंगा,

चाहे खुशियां दे या ग़म मुस्कुरा कर मैं लूंगा,

मुझे तो मेरा श्याम देगा जो सही है....

जीवन मेरा तेरे ही हवाले रहे,

मुझको यूँ सदा तू ही संभाले रहे,

कैसे बाबा तेरा शुकराना करूँ,

तेरे ही सहारे मैं गुज़ारा करूँ,

गुज़ारा करूँ...

हर पल यूँ ही तेरा गुण गाकर मैं लूंगा,

चाहे खुशियां दे या ग़म मुस्कुरा कर मैं लूंगा,

मुझे तो मेरा श्याम देगा जो सही है.....

देर ही सही पर होता भला,

संकट के आगे मेरे बाबा खड़ा,

जब जब देता करता हिसाब नहीं,

तेरी कृपा का बाबा जवाब नहीं,

जवाब नहीं...

तेरे आगे झोली को फैला कर मैं लूंगा,

चाहे खुशियां दे या ग़म मुस्कुरा कर मैं लूंगा,

मुझे तो मेरा श्याम देगा जो सही है.....

चिंता ना अब कोई फिकर मुझे,

पल पल की है मेरी खबर तुझे,

झुमु नाचूं गाऊं मैं तो मौज करूँ,

कृपा से ये तेरी मैं तो रोज़ करूँ,

मैं रोज़ करूँ...

राखी संग बाबा को रिझाकर मैं लूंगा,

चाहे खुशियां दे या ग़म मुस्कुरा कर मैं लूंगा,

मुझे तो मेरा श्याम देगा जो सही है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।