मेरे श्याम की रहमत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम की रहमत का रहता सदा साया है,

सुख दुःख में बाबा ने मेरा साथ निभाया है,

जब से यह मुझको मिला जीवन तो सवारने लगा,

मेरे अंगना रहमत का सूरज तो उतरन ने लगा,

रोती होऊ अंखियो को आकर कर के हसाया है,

सुख दुःख में बाबा ने मेरा साथ निभाया है,

मेरे श्याम की रहमत..........

मेरी जीवन नैया का बाबा ही माजी है,

हर हाल में साथ खड़ा मेरा सच्चा साथी है

नैया जो बबर अटकी यही पार लगया है,

सुख दुःख में बाबा ने मेरा साथ निभाया है,

मेरे श्याम की रहमत..........

नही गम यह बादल है,मस्ती ही मस्ती है,

इनके ही बरोसे तो चल रही गृहस्ती है,

सुभानी को बाबा ने सेवा में लगाया है,

सुख दुःख में बाबा ने मेरा साथ निभाया है,

मेरे श्याम की रहमत..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।