काहे दिखावे अपनी जात तू

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुन ले वानरिया के बच्चा तुझको नहीं मरना अच्छा,

बना रहयो बात क्यों,

अरे काहे दिखावे अपनी जात तू.....

राम राम कह रहयो है जबसे राम लगे क्या तेरो,

सुन सुन ने तेरी बातन ने खून खोल रहयो मेरो,

भग जा देके पूछ में अंटा तेरे पड़े पीठ पे संटा,

खाएगो लात तू अरे काहे दिखावे अपनी जात तू.....

मारो बाप राम ने तेरो रांड करि महतारी,

राजपाठ सब छीने तेरे सुग्रीव से करि यारी,

तूने माँ को दूध लजायो बदलो अब तक ले पायो,

रह रहयो साथ तू अरे काहे दिखावे अपनी जात तू.....

सुन रावण की बाते अंगद क्रोध में है भर आये,

अरे अभिमानी रावण तूने राम नहीं पहचाने,

पड़ जा पाँव में उनके जाके सीता मैया को ले जाके,

लग जाये पार तू नहीं तो कुल को करेगा अपनी नाश तू.......

रावण सुन ले मेरी बात दिन की हो जाएगी रात,

जब लंका में डंका श्री राम का बजे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।